हैप्पी फादर्स डे पापा

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~ ऋत्विक दास

सुनो पापा,सुनो पापा,आपको वह बात कह सुनानी है, जिसे आपने कभी सुनना नहीं चाहा। हम आपको कभी इसका जिम्मेदार नहीं मानते, क्योंकि हमे पता है कि हम जिस समाज में रहते हैं, उस समाज में पापा बच्चों से काफी दूर रहते हैं।

जब आप ही हमसे अपने अंदर की इतनी सारी बातों को छुपा कर रखते थे। तो हम भला कैसे अपनी बात आपको बताते।

इस दुनिया में हम मां की कोख से जन्म लेते हैं। पर सबसे पहले जो हमें गोद में उठाता है, वह होता है पिता।

मां का राजा और पापा की परी नहीं बन सकते हम, राजा और परी की परिभाषा में हम खुद को नहीं ढूंढ पाते।

क्या आपका प्यार हासिल करने के लिए, सिर्फ आपका बच्चा होना काफी नहीं हो सकता?

हां हम बहुत अलग है, जब हमें खुद को समझने में इतना समय लगा, तो हम यह बात अच्छी तरह समझते हैं कि आप एक झटके में हमें नहीं समझ पाओगे।

जानते है कि जब मां हमें दूध पिलाया करती थी,  बचपन में तो आप अपनी आंखों में सपने बुना करते थे, हमारे भविष्य के। कभी क्रिकेटर तो कभी बॉक्सर, पर आपका दिल बैठ जाता जब हम इन खेलों में अरुचि दिखाते। पर आपके बताएं खेलों में अच्छा न कर पाने का मतलब यह तो नहीं कि हम में कोई अच्छाई ही नहीं…….

आपने कभी हमरी पेंटिंग देखी ही नहीं, कभी हमारा गाना सुना ही नहीं, कभी हमारा नृत्य देखा ही नहीं।

ऐसा नहीं है कि हमने आपका पर्फेक्ट बच्चा बनने की कोशिश नहीं की। बहुत कोशिश की…..

पर नहीं हुआ पापा…..!

जब आप हमारी वजह से उदास होते थे, तो कमरे में हम भी रोया करते थे।

हमें पता है! की आपको हमारे बारे में सब कुछ पता है। कुछ बातें आप समझते थे, कुछ बातें आपको आपके दोस्तों ने या मोहल्ले वालों ने बताई होंगी।

पर पापा, हम सिर्फ उतने नहीं जितना आप सोचते हैं। आपको शर्म आती है, हम पर ?

पर पापा, हम तो गुनहगार नहीं हैं।

हम जैसे बच्चे होने से आप की मर्दानगी कम नहीं हो जाती।

आपको पता है आप हार जाते हैं, जब आप हमारा साथ नहीं दे पाते।

हमें बहुत कुछ कहना है, बहुत कुछ बताना है, अपने अकेलेपन में आपको साझेदार बनाना है।

क्या आप सुनने को तैयार हो पापा ?

हम आपस में कई बार यह बात कहते हैं, कि दुनिया से लड़ना बहुत मुश्किल है और उससे भी अधिक मुश्किल है इस दुनिया से जीत पाना। पर आपको पता है सबसे मुश्किल क्या है? सबसे मुश्किल है आपके और मम्मी के नजरों में खुद को देखना, आपकी नजरें हर बार हमें उस गुनाह का गुनहगार बना देती है। जो गुनाह ने कभी नहीं किया….

दुनिया की लड़ाई बहुत आसान हो जाती है, जब कोई सुपर हीरो आकर साथ खड़ा हो जाता है।

लेकिन हमारा सुपर हीरो न जाने क्यों हमारा साथ देने में इतना हिचकीचाता है ?

क्या समाज इतना मायने रखता है? कि उससे संबंध बनाए रखने के लिए, आपको हमे दूर कर देना इतना आसान लगता है?

कभी समय मिले तो सुनना हमको…..

हम भी आपके पर्फेक्ट बच्चे हैं।

– हैप्पी फादर्स डे पापा

सुनो पापा,

सुनो पापा,

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